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11 जून 2020

यूरोप की जस्ट ईट टेकएवे फूड कंपनी ग्रुबहब के अधिग्रण की तैयारी में, $ 7.3 बिलियन में हो सकती हैं डील

यूरोपियन फूड-ऑर्डर करने वाली फर्म जस्ट ईट टेकएवे डॉट कॉम एनवी ने बुधवार को कहा कि उसने एक स्टॉक डील में यूएस पीयर ग्रूबहब इंक को खरीदने के लिए सहमति व्यक्त की है। ये सौदा अगर पूरा हो जाता है तो चीन के बाहर दुनिया की सबसे बड़ी फूड डिलीवरी कंपनी बनाएगी। ये डील 7.3 बिलियन डॉलर में हो सकती हैं।

कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा, यह सौदा एक नई कंपनी बनाएगा जो खाद्य वितरण में दुनिया के सबसे बड़े 4 प्रॉफिट वाले पूल यू.एस., यूके, नीदरलैंड और जर्मनी को साथ लेकर बनाया जाएगा। ग्रूबहब ने फूड चेन को मजबूत करने के लिए राइड-हाइलिंग फर्म उबर ईट से बात की है।

उबर ने मई में ग्रुबहब से किया था संपर्क
उबर ने मई में शिकागो स्थित ग्रुबहब से संपर्क किया था लेकिन बात नहीं बनी थी। एक बयान में, उबर ने कहा था कि खाद्य वितरण उद्योग को समेकन (एकसाथ लाना) की आवश्यकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम किसी के भी साथ किसी भी कीमत पर, किसी भी सौदे को करने में रुचि रखते हैं। "

2007 से ग्रुबहब के संपर्क में है जस्ट ईट टेकएवे
ग्रुबहब के सीईओ मैट मालोनी ने कहा कि वो जस्ट ईट टेकएवे के अरबपति चीफ एक्जीक्यूटिव जित्स ग्रोएन को 2007 से जानते हैं, और दोनों कंपनियों के पास एक समान मॉडल है, जो ग्राहकों को रेस्टोरेंट खोजने और उनसे ऑर्डर लेने के लिए मार्केटप्लेस उपलब्ध कराता है। जस्ट ईट ने जनवरी में ही टेकअवे को 7.8 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण किया है।

जस्ट ईट टेकएवे के शेयरों में आई गिरावट
इस खबर के सामने आने के बाद ग्रुबहब के शेयर की कीमत लगभग 6 फीसदी बढ़ी, वहीं जस्ट ईट टेकएवे के शेयर एम्स्टर्डम में 13 फीसदी से अधिक नीचे आ गए।

2019 में जस्ट ईट टेकएवे के पास ग्रुबहब से ज्यादा राजस्व
कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि जस्ट ईट टेकएवे के पास ग्रुबहब के 1.2 बिलियन यूरो की तुलना में 1.5 बिलियन यूरो (1.7 बिलियन डॉलर) का 2019 राजस्व था। एक ट्रेडिंग अपडेट में, कंपनियों ने कहा कि अप्रैल और मई में कंपनियों के ऑर्डर में 41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। क्योंकि कोरोनवायरस के कारण लोग घर पर ही खाना मंगवा रहे थे।

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ग्रुबहब के सीईओ मैट मालोनी ने कहा कि वो जस्ट ईट टेकएवे के चीफ एक्जीक्यूटिव जित्स ग्रोएन को 2007 से जानते हैं, और दोनों कंपनियों के पास एक समान मॉडल है, जो ग्राहकों को रेस्टोरेंट खोजने और उनसे ऑर्डर लेने के लिए मार्केटप्लेस उपलब्ध कराता है

यूरोप की जस्ट ईट टेकएवे फूड कंपनी ग्रुबहब के अधिग्रण की तैयारी में, $ 7.3 बिलियन में हो सकती हैं डील यूरोपियन फूड-ऑर्डर करने वाली फर्म जस्ट ईट टेकएवे डॉट कॉम एनवी ने बुधवार को कहा कि उसने एक स्टॉक डील में यूएस पीयर ग्रूबहब इंक को खरीदने के लिए सहमति व्यक्त की है। ये सौदा अगर पूरा हो जाता है तो चीन के बाहर दुनिया की सबसे बड़ी फूड डिलीवरी कंपनी बनाएगी। ये डील 7.3 बिलियन डॉलर में हो सकती हैं। कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा, यह सौदा एक नई कंपनी बनाएगा जो खाद्य वितरण में दुनिया के सबसे बड़े 4 प्रॉफिट वाले पूल यू.एस., यूके, नीदरलैंड और जर्मनी को साथ लेकर बनाया जाएगा। ग्रूबहब ने फूड चेन को मजबूत करने के लिए राइड-हाइलिंग फर्म उबर ईट से बात की है। उबर ने मई में ग्रुबहब से किया था संपर्क उबर ने मई में शिकागो स्थित ग्रुबहब से संपर्क किया था लेकिन बात नहीं बनी थी। एक बयान में, उबर ने कहा था कि खाद्य वितरण उद्योग को समेकन (एकसाथ लाना) की आवश्यकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम किसी के भी साथ किसी भी कीमत पर, किसी भी सौदे को करने में रुचि रखते हैं। " 2007 से ग्रुबहब के संपर्क में है जस्ट ईट टेकएवे ग्रुबहब के सीईओ मैट मालोनी ने कहा कि वो जस्ट ईट टेकएवे के अरबपति चीफ एक्जीक्यूटिव जित्स ग्रोएन को 2007 से जानते हैं, और दोनों कंपनियों के पास एक समान मॉडल है, जो ग्राहकों को रेस्टोरेंट खोजने और उनसे ऑर्डर लेने के लिए मार्केटप्लेस उपलब्ध कराता है। जस्ट ईट ने जनवरी में ही टेकअवे को 7.8 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण किया है। जस्ट ईट टेकएवे के शेयरों में आई गिरावट इस खबर के सामने आने के बाद ग्रुबहब के शेयर की कीमत लगभग 6 फीसदी बढ़ी, वहीं जस्ट ईट टेकएवे के शेयर एम्स्टर्डम में 13 फीसदी से अधिक नीचे आ गए। 2019 में जस्ट ईट टेकएवे के पास ग्रुबहब से ज्यादा राजस्व कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि जस्ट ईट टेकएवे के पास ग्रुबहब के 1.2 बिलियन यूरो की तुलना में 1.5 बिलियन यूरो (1.7 बिलियन डॉलर) का 2019 राजस्व था। एक ट्रेडिंग अपडेट में, कंपनियों ने कहा कि अप्रैल और मई में कंपनियों के ऑर्डर में 41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। क्योंकि कोरोनवायरस के कारण लोग घर पर ही खाना मंगवा रहे थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ग्रुबहब के सीईओ मैट मालोनी ने कहा कि वो जस्ट ईट टेकएवे के चीफ एक्जीक्यूटिव जित्स ग्रोएन को 2007 से जानते हैं, और दोनों कंपनियों के पास एक समान मॉडल है, जो ग्राहकों को रेस्टोरेंट खोजने और उनसे ऑर्डर लेने के लिए मार्केटप्लेस उपलब्ध कराता है

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दुनियाभर में मूर्तियों के खिलाफ फूट रहा गुस्सा, अमेरिका में कोलम्बस और ब्रिटेन में रानी विक्टोरिया के स्टैच्यू को नुकसान पहुंचाया 

अमेरिका में अश्वेतजॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद रंगभेद के खिलाफ एक नयी लड़ाई शुरू हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों के निशाने पर अब ऐतिहासिक लोगों की मूर्तियां हैं। लोगों का आरोप है कि इन लोगों ने दास प्रथा को बढ़ावा दिया और गुलामों की खरीद फरोख्त की। दुनियाभर में अब तक 45 मूर्तियां तोड़ी जा चुकी हैं।

सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिका और ब्रिटेन की मूर्तियों को हुआ है। अमेरिका के बोस्टन में क्रिस्टोफर कोलम्बस की मूर्ति को उखाड़ फेंक दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोलम्बस ने अमेरिकी मूल के लोगों का नरसंहार किया। वहीं, ब्रिटेन में भी प्रदर्शनकारियों ने क्वीन विक्टोरिया की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया। आरोप है कि उनके समय में उपनिवेशवाद को बढ़ावा दिया गया। ब्रिटेन में प्रदर्शनकारियों ने 60 ऐसी मूर्तियों की सूची बनाई है, जिन्हें वे गिराना चाहते हैं।

ब्रिटेन के लीड्स में महारानी विक्टोरिया के एक स्टैच्यू को प्रदर्शनकारियों ने पेंट स्प्रे कर खराब कर दिया। इस बाद उनके स्टैट्यू की सफाई का काम शुरू है। महारानी विक्टोरिया साल 1837 से 1901 तक ब्रिटेन की महारानी थीं।

ब्रिटेन के ब्रिस्टल में एडवर्ड कोल्सटन के स्टैच्यू को प्रदर्शनकारियों ने गिरा दिाय। एडवर्ड कोल्सटन अफ्रीकी लोगों की खरीद-फरोख्त कर गुलामी के काम से जुड़ा एक व्यापारी था।

ब्रिटेन के एडिनबर्ग में राबर्ट डंडास के स्टैच्यू को प्रदर्शनकारियों ने पेंट स्प्रे से खराब कर दिया। राबर्ट डंडास के पिता हेनरी डंडास भी दास प्रथा के काम से जुड़े थे। ब्रिटेन की संसद में उन पर महाभियोग की कार्रवाई हुई थी।

बेल्जियम के ब्रसेल्स में प्रदर्शनकारियों ने राजा लियोपोल्ड द्वितीय के स्टैच्यू को नुकसान पहुंचाया। लियोपोल्ड को भी दास प्रथा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है।

ब्रिटेन के लंदन में रॉबर्ट मिलिगन के स्टैच्यू को प्रदर्शनकारियों ने तोड़ दिया। मिलिगन 18 वीं सदी के व्यापारे थे। प्रदर्शनकारी उन्हें गुलामों का सौदागर कहते हैं।

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अमेरिका में मैसाच्युसेट्स के बोस्टन में प्रदर्शनकारियों ने क्रिस्टोफर कोलम्बस की प्रतिमा का सिर धड़ से अलग कर दिया। यूरोपीय देशों के लिए अमेरिका की खोज कोलम्बस ने ही की थी।

दुनियाभर में मूर्तियों के खिलाफ फूट रहा गुस्सा, अमेरिका में कोलम्बस और ब्रिटेन में रानी विक्टोरिया के स्टैच्यू को नुकसान पहुंचाया  अमेरिका में अश्वेतजॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद रंगभेद के खिलाफ एक नयी लड़ाई शुरू हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों के निशाने पर अब ऐतिहासिक लोगों की मूर्तियां हैं। लोगों का आरोप है कि इन लोगों ने दास प्रथा को बढ़ावा दिया और गुलामों की खरीद फरोख्त की। दुनियाभर में अब तक 45 मूर्तियां तोड़ी जा चुकी हैं। सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिका और ब्रिटेन की मूर्तियों को हुआ है। अमेरिका के बोस्टन में क्रिस्टोफर कोलम्बस की मूर्ति को उखाड़ फेंक दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोलम्बस ने अमेरिकी मूल के लोगों का नरसंहार किया। वहीं, ब्रिटेन में भी प्रदर्शनकारियों ने क्वीन विक्टोरिया की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया। आरोप है कि उनके समय में उपनिवेशवाद को बढ़ावा दिया गया। ब्रिटेन में प्रदर्शनकारियों ने 60 ऐसी मूर्तियों की सूची बनाई है, जिन्हें वे गिराना चाहते हैं। ब्रिटेन के लीड्स में महारानी विक्टोरिया के एक स्टैच्यू को प्रदर्शनकारियों ने पेंट स्प्रे कर खराब कर दिया। इस बाद उनके स्टैट्यू की सफाई का काम शुरू है। महारानी विक्टोरिया साल 1837 से 1901 तक ब्रिटेन की महारानी थीं। ब्रिटेन के ब्रिस्टल में एडवर्ड कोल्सटन के स्टैच्यू को प्रदर्शनकारियों ने गिरा दिाय। एडवर्ड कोल्सटन अफ्रीकी लोगों की खरीद-फरोख्त कर गुलामी के काम से जुड़ा एक व्यापारी था। ब्रिटेन के एडिनबर्ग में राबर्ट डंडास के स्टैच्यू को प्रदर्शनकारियों ने पेंट स्प्रे से खराब कर दिया। राबर्ट डंडास के पिता हेनरी डंडास भी दास प्रथा के काम से जुड़े थे। ब्रिटेन की संसद में उन पर महाभियोग की कार्रवाई हुई थी। बेल्जियम के ब्रसेल्स में प्रदर्शनकारियों ने राजा लियोपोल्ड द्वितीय के स्टैच्यू को नुकसान पहुंचाया। लियोपोल्ड को भी दास प्रथा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। ब्रिटेन के लंदन में रॉबर्ट मिलिगन के स्टैच्यू को प्रदर्शनकारियों ने तोड़ दिया। मिलिगन 18 वीं सदी के व्यापारे थे। प्रदर्शनकारी उन्हें गुलामों का सौदागर कहते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अमेरिका में मैसाच्युसेट्स के बोस्टन में प्रदर्शनकारियों ने क्रिस्टोफर कोलम्बस की प्रतिमा का सिर धड़ से अलग कर दिया। यूरोपीय देशों के लिए अमेरिका की खोज कोलम्बस ने ही की थी।

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खैबर पख्तूनख्वा में सेना की गाड़ी सड़क किनारे रखे बम की चपेट में आई, दो सैनिकों की मौत और दो घायल

खैबर पख्तूनख्वा राज्य में पाकिस्तान-अफगान सीमा पर बम धमाके में बुधवार को दो पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई और दो घायल हो गए। सेना ने बताया कि सैनिकों की गाड़ियों को निशाना बनाने के लिए बम सड़क किनारे रखे गए थे। उत्तरी वजिरिस्तान जिले में मिरान शाह के पास गश्त पर निकले सैनिकों की गाड़ी इसकी चपेट में आ गई। घायल सैनिकों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अभी तक किसी भी संगठन नेहमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, सेना के अधिकारियों को शक है कि यह स्थानीय आतंकी गुटों का काम हो सकता है। इससे पहले भी स्थानीय आतंकी संगठन यहां सेना पर ऐसे हमलों को अंजाम देते रहे हैं।

उत्तरी वजिरिस्तान में तालीबान का बेस रहा है
उत्तरी वजिरिस्तान में कुछ महीनों पहले तक तालीबानी लड़ाकों का बेस रहा है। सेना ने एक ऑपरेशन चलाकर इस बेस को तबाह किया था। हालांकि, पिछले कुछ समय से यहां पर हिंसा बढ़ गई है। ऐसे में स्थानीय लोगों में इस बात का डर है कि सेना फिर से कोई ऑपरेशन चला सकती है।

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पाकिस्उतान के त्तरी वजिरिस्तान जिले में मिरान शाह के पास बुधवार को एक बार फिर बम धमाका हुआ। यह फोटो 10 मई को यहां हुए बम धमाके में टूटी कार की है। जिले में पिछले कुछ समय से आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं।(फाइल फोटो)

खैबर पख्तूनख्वा में सेना की गाड़ी सड़क किनारे रखे बम की चपेट में आई, दो सैनिकों की मौत और दो घायल खैबर पख्तूनख्वा राज्य में पाकिस्तान-अफगान सीमा पर बम धमाके में बुधवार को दो पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई और दो घायल हो गए। सेना ने बताया कि सैनिकों की गाड़ियों को निशाना बनाने के लिए बम सड़क किनारे रखे गए थे। उत्तरी वजिरिस्तान जिले में मिरान शाह के पास गश्त पर निकले सैनिकों की गाड़ी इसकी चपेट में आ गई। घायल सैनिकों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी तक किसी भी संगठन नेहमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, सेना के अधिकारियों को शक है कि यह स्थानीय आतंकी गुटों का काम हो सकता है। इससे पहले भी स्थानीय आतंकी संगठन यहां सेना पर ऐसे हमलों को अंजाम देते रहे हैं। उत्तरी वजिरिस्तान में तालीबान का बेस रहा है उत्तरी वजिरिस्तान में कुछ महीनों पहले तक तालीबानी लड़ाकों का बेस रहा है। सेना ने एक ऑपरेशन चलाकर इस बेस को तबाह किया था। हालांकि, पिछले कुछ समय से यहां पर हिंसा बढ़ गई है। ऐसे में स्थानीय लोगों में इस बात का डर है कि सेना फिर से कोई ऑपरेशन चला सकती है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today पाकिस्उतान के त्तरी वजिरिस्तान जिले में मिरान शाह के पास बुधवार को एक बार फिर बम धमाका हुआ। यह फोटो 10 मई को यहां हुए बम धमाके में टूटी कार की है। जिले में पिछले कुछ समय से आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं।(फाइल फोटो)

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इंदौर में पानी के पाउच के साथ जा रहे सैंपल; पब्लिक टॉयलेट के पानी से धोई जा रही एम्बुलेंस

मध्य प्रदेश में कोरोना से निपटने के लिए जुगाड़ व्यवस्था चलाई जा रही है।इंदौर में जांच के लिएकोरोना सैंपल जैल वाले आइस पैक की जगह पानी के ठंडे पाउच के बीच रखकर भेजे जा रहे हैं।वहीं,कोरोना के पॉजिटिव और संदिग्ध मरीजों काे अस्पतालों तक पहुंचाने वाली 108 एम्बुलेंस को सार्वजनिक शौचालय की टंंकी के पानी से धोया जा रहा है। उधर, श्योपुर जिलेके कंटेनमेंट जाेन में पुलिस दाे दिन से लाेगाें कोशौच के लिए बाहर नहीं जाने दे रही, जबकि यहां करीब 95%घराें में पक्केशौचालय नहींहैं।

आईस पैक खरीदे ही नहीं

इंदौर में कोरोना जांच के लिएस्वास्थ्य विभाग नेसैंपल कलेक्शन के लिए जैल वाले आइस पैक की खरीदी ही नहीं की। वैक्सीनेशन के लिए मिले आइस पैक से ढाई महीने तक काम चलाया। स्टॉक में जितना था, उतना उपयोग करने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों से मंगवाने लगे। अब कमी हुई तो जुगाड़ से काम चला रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक सैंपल जैलपैक में जाए

डब्ल्यूएचओ के अनुसारनाक और गले से स्वाब का सैंपल लेने के बाद उसे शीशी में सील करना होता है। शीशी कंटेनर में रखी जाती है। कंटेनर को जिप लॉक वाले प्लास्टिक के पैकेट में रखकर जार में रखा जाता है। कोरोेना सैंपल को ठंडा रखने के लिए जार काे जैल आइस पैक वाले थर्मोकोल बॉक्स में रखना होता है। जिसका तापमान 2 से 8 डिग्री के बीच रहे।

शौचालय के पानी से धो रहे एम्बुलेंस

इंदौर में दूसरी लापरवाही कोरोना के पॉजिटिव और संदिग्ध मरीजों काे अस्पतालों तक पहुंचाने वाली 108 एम्बुलेंस को लेकर सामने आई है। हाल में अमेरिका से लौटे लोगों को लेने के लिए एम्बुलेंस एयरपोर्ट पर पहुंची तो उन्होंने एम्बुलेंस में धूल और गंदगी पर आपत्ति ली। तब पता चला कि एम्बुलेंस को सोडियमहाइपो क्लोराइटकी बजाय शौचालय के पानी से धोया जाता है। स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम का कहना है एम्बुलेंस का संचालन करने वाली जिगित्सा हेल्थकेयर कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी।

फोटो इंदौर एयरपोर्ट के पास की है। यहां सार्वजनिक शौचालय की टंंकी के पानी से एम्बुलेंस को धोया जा रहा है।

एनएचएम की गाइडलाइन के अनुसार एम्बुलेंस को रोज धोना चाहिए। इसके लिए 1 से 2 प्रतिशत सोडियमहाइपो क्लोराइट घोल का इस्तेमाल किया जाना है। ड्राइवर वाले कंपार्टमेंट की सफाई भी इसी घोल से करना है। कोरोना संदिग्ध या पॉजिटिव मरीजों को ट्रांसफर करने के बाद हर बार यही प्रोसेस अपनानी है।

श्योपुर:पुलिस शौच के लिएबाहर नहीं जाने दे रही

मध्य प्रदेश के ही श्याेपुर जिले का बड़ौदा कस्बा अभीकंटेनमेंट जोन है,ऐसे मेंयहां लाेगाें काे अजीब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां करीब95% घराें में शौचालय नहीं बने हैं। पुलिस प्रशासन ने दाे दिन से लाेगाें पर शौच के लिए बाहर जाने पर राेक लगा दी है। पुलिसकर्मियों ने बुधवार काे भी शौच करने के लिए जा रहे लाेगाें काे वापस घर भेज दिया। इस पर लाेगाें की पुलिस के साथ बहस भी हुई।

यहां 20 परिवार रह रहे हैं। इनमें सिर्फ संक्रमित मिले मांगीलाल और उनके पड़ोसी चंदू माहवार के मकान में ही शौचालय है, अन्य 18 परिवारों के घरों में शौचालय नहीं हैं।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

यह तस्वीर इंदौर के एक हॉस्पिटल की है। यहां कोरोना संदिग्धों के स्वाब के सैंपल थर्मोकोल के डिब्बे में पानी के पाउच के साथ रखे हैं, जबकि डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के हिसाब से इन्हें जैल वाले आइस पैक में रखना होता है।

इंदौर में पानी के पाउच के साथ जा रहे सैंपल; पब्लिक टॉयलेट के पानी से धोई जा रही एम्बुलेंस मध्य प्रदेश में कोरोना से निपटने के लिए जुगाड़ व्यवस्था चलाई जा रही है।इंदौर में जांच के लिएकोरोना सैंपल जैल वाले आइस पैक की जगह पानी के ठंडे पाउच के बीच रखकर भेजे जा रहे हैं।वहीं,कोरोना के पॉजिटिव और संदिग्ध मरीजों काे अस्पतालों तक पहुंचाने वाली 108 एम्बुलेंस को सार्वजनिक शौचालय की टंंकी के पानी से धोया जा रहा है। उधर, श्योपुर जिलेके कंटेनमेंट जाेन में पुलिस दाे दिन से लाेगाें कोशौच के लिए बाहर नहीं जाने दे रही, जबकि यहां करीब 95%घराें में पक्केशौचालय नहींहैं। आईस पैक खरीदे ही नहीं इंदौर में कोरोना जांच के लिएस्वास्थ्य विभाग नेसैंपल कलेक्शन के लिए जैल वाले आइस पैक की खरीदी ही नहीं की। वैक्सीनेशन के लिए मिले आइस पैक से ढाई महीने तक काम चलाया। स्टॉक में जितना था, उतना उपयोग करने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों से मंगवाने लगे। अब कमी हुई तो जुगाड़ से काम चला रहे हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक सैंपल जैलपैक में जाए डब्ल्यूएचओ के अनुसारनाक और गले से स्वाब का सैंपल लेने के बाद उसे शीशी में सील करना होता है। शीशी कंटेनर में रखी जाती है। कंटेनर को जिप लॉक वाले प्लास्टिक के पैकेट में रखकर जार में रखा जाता है। कोरोेना सैंपल को ठंडा रखने के लिए जार काे जैल आइस पैक वाले थर्मोकोल बॉक्स में रखना होता है। जिसका तापमान 2 से 8 डिग्री के बीच रहे। शौचालय के पानी से धो रहे एम्बुलेंस इंदौर में दूसरी लापरवाही कोरोना के पॉजिटिव और संदिग्ध मरीजों काे अस्पतालों तक पहुंचाने वाली 108 एम्बुलेंस को लेकर सामने आई है। हाल में अमेरिका से लौटे लोगों को लेने के लिए एम्बुलेंस एयरपोर्ट पर पहुंची तो उन्होंने एम्बुलेंस में धूल और गंदगी पर आपत्ति ली। तब पता चला कि एम्बुलेंस को सोडियमहाइपो क्लोराइटकी बजाय शौचालय के पानी से धोया जाता है। स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम का कहना है एम्बुलेंस का संचालन करने वाली जिगित्सा हेल्थकेयर कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी। फोटो इंदौर एयरपोर्ट के पास की है। यहां सार्वजनिक शौचालय की टंंकी के पानी से एम्बुलेंस को धोया जा रहा है। एनएचएम की गाइडलाइन के अनुसार एम्बुलेंस को रोज धोना चाहिए। इसके लिए 1 से 2 प्रतिशत सोडियमहाइपो क्लोराइट घोल का इस्तेमाल किया जाना है। ड्राइवर वाले कंपार्टमेंट की सफाई भी इसी घोल से करना है। कोरोना संदिग्ध या पॉजिटिव मरीजों को ट्रांसफर करने के बाद हर बार यही प्रोसेस अपनानी है। श्योपुर:पुलिस शौच के लिएबाहर नहीं जाने दे रही मध्य प्रदेश के ही श्याेपुर जिले का बड़ौदा कस्बा अभीकंटेनमेंट जोन है,ऐसे मेंयहां लाेगाें काे अजीब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां करीब95% घराें में शौचालय नहीं बने हैं। पुलिस प्रशासन ने दाे दिन से लाेगाें पर शौच के लिए बाहर जाने पर राेक लगा दी है। पुलिसकर्मियों ने बुधवार काे भी शौच करने के लिए जा रहे लाेगाें काे वापस घर भेज दिया। इस पर लाेगाें की पुलिस के साथ बहस भी हुई। यहां 20 परिवार रह रहे हैं। इनमें सिर्फ संक्रमित मिले मांगीलाल और उनके पड़ोसी चंदू माहवार के मकान में ही शौचालय है, अन्य 18 परिवारों के घरों में शौचालय नहीं हैं। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें यह तस्वीर इंदौर के एक हॉस्पिटल की है। यहां कोरोना संदिग्धों के स्वाब के सैंपल थर्मोकोल के डिब्बे में पानी के पाउच के साथ रखे हैं, जबकि डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के हिसाब से इन्हें जैल वाले आइस पैक में रखना होता है।

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बड़ोदरा की एसपी ने लॉकडाउन में शुरू की ‘पुलिस रसोई’, साथियों के साथ मिलकर रोज 1200 जरूरतमंदों के लिए खाना बना रही हैं

कोरोना संक्रमण के बीच गुजरात के बडोदरा की महिला पुलिस अफसर ने 'पुलिस रसोई' शुरू की है। इसे खूब सराहा जा रहा है। लॉकडाउन के पहले दिन 25 मार्च से शहर की महिला पुलिस ड्यूटी के साथ रोजाना 1200 जरूरतमंदों के लिए खाना बना रही हैं।

आईपीएस सरोज कुमारी ने पुलिस रसोई की शुरुआत की थी। तब से ही यहां रोजाना जरूरतमंद भोजन कर रहे हैं। सरोज ने ही इसकी योजना बनाई और खाने का इंतजाम किया। सरोज राजस्थान के झुंझुनूं की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया, 'खाने बनाने के लिए हमने राशन और अन्य चीजोंको जुटाया। पहले दिन करीब 550 लोगों के लिए खाना तैयार किया।' इस काम में वे खुद मदद करती हैं। खाना पुलिस की टीम ही बांटती है।

ड्यूटी के बाद रोज 50 महिला पुलिसकर्मी मिलकर बनाती हैं खाना
रोजाना करीब 50 महिला पुलिसकर्मी एसपी के साथ मिल कर चीजोंबनाती हैं। आईपीएस सराेज कुमारी के भाई और झुंझुनू के चिड़ावा गांव के उप प्रधान रणधीर सिंह ने बताया कि उनकी बहन की पहल की पूरे गुजरात में जम कर सराहना हाे रही है। ड्यूटी समय के बाद हर महिला पुलिसकर्मी दाे से तीन घंटे का समय पुलिस रसाेई के लिए निकालती हैं, जाे पूरे देश में एक उदाहरण है। सेवा के कारण ही उनकाे वूमन आईकाॅन अवॉर्डसे भी सम्मानित किया जा चुका है।

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आईपीएस सरोज कुमारी ने पुलिस रसोई की शुरुआत 25 मार्च से की थी। वे रोजाना ड्यूटी के बाद खाना बनाने में मदद करती हैं।

बड़ोदरा की एसपी ने लॉकडाउन में शुरू की ‘पुलिस रसोई’, साथियों के साथ मिलकर रोज 1200 जरूरतमंदों के लिए खाना बना रही हैं कोरोना संक्रमण के बीच गुजरात के बडोदरा की महिला पुलिस अफसर ने 'पुलिस रसोई' शुरू की है। इसे खूब सराहा जा रहा है। लॉकडाउन के पहले दिन 25 मार्च से शहर की महिला पुलिस ड्यूटी के साथ रोजाना 1200 जरूरतमंदों के लिए खाना बना रही हैं। आईपीएस सरोज कुमारी ने पुलिस रसोई की शुरुआत की थी। तब से ही यहां रोजाना जरूरतमंद भोजन कर रहे हैं। सरोज ने ही इसकी योजना बनाई और खाने का इंतजाम किया। सरोज राजस्थान के झुंझुनूं की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया, 'खाने बनाने के लिए हमने राशन और अन्य चीजोंको जुटाया। पहले दिन करीब 550 लोगों के लिए खाना तैयार किया।' इस काम में वे खुद मदद करती हैं। खाना पुलिस की टीम ही बांटती है। ड्यूटी के बाद रोज 50 महिला पुलिसकर्मी मिलकर बनाती हैं खाना रोजाना करीब 50 महिला पुलिसकर्मी एसपी के साथ मिल कर चीजोंबनाती हैं। आईपीएस सराेज कुमारी के भाई और झुंझुनू के चिड़ावा गांव के उप प्रधान रणधीर सिंह ने बताया कि उनकी बहन की पहल की पूरे गुजरात में जम कर सराहना हाे रही है। ड्यूटी समय के बाद हर महिला पुलिसकर्मी दाे से तीन घंटे का समय पुलिस रसाेई के लिए निकालती हैं, जाे पूरे देश में एक उदाहरण है। सेवा के कारण ही उनकाे वूमन आईकाॅन अवॉर्डसे भी सम्मानित किया जा चुका है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें आईपीएस सरोज कुमारी ने पुलिस रसोई की शुरुआत 25 मार्च से की थी। वे रोजाना ड्यूटी के बाद खाना बनाने में मदद करती हैं।

जून 11, 2020 0 Comments
कोरोना संक्रमण के बीच गुजरात के बडोदरा की महिला पुलिस अफसर ने 'पुलिस रसोई' शुरू की है। इसे खूब सराहा जा रहा है। लॉकडाउन के पहले दिन...
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फरीदबाद में प्लाज्मा थैरपी से इलाज शुरू, एक मरीज को दो डोज दी

हरियाणा में अनलॉक-1 का 11वां दिन है। प्रदेशभर में मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन बाजार व व्यापारिक प्रतिष्ठान लगभग खुल गए हैं। लोग सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाने में अभी भी लापरवाही कर रहे है। जगह-जगह पुलिस द्वारा चालान किए जा रहे हैं। गुड़गांव और फरीदाबाद कुल मरीजों के आंकड़ों में आगे चल रहे हैं। फरीदाबाद में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं फरीदाबाद में अब प्लाज्मा थैरपी से इलाज शुरू कर दिया है। ठीक हो चुके एक शख्सका प्लाज्मा कोरोना संक्रमित मरीज को दिया गया है।ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक करीब 6 और मरीजों को प्लाजा देने की तैयारी है।

स्वास्थ्य विभाग अब फरीदाबाद में रिकवरी कर चुके कोरोना मरीजों की सूची तैयार कर रहा है। उनसे संपर्क किया जा रहा है, जो लोग अब प्लाज्मा देने को तैयार है, उनके प्लाज्मा से संक्रमित मरीजों को ठीक करने का प्रयास किया जाएगा। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर निखिल वर्मा का कहना है कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से उपचार शुरू करने की स्वीकृति मिल गई है। गुरुग्राम के 37 वर्षीय संक्रमित मरीज को 200-200 एमएल का दो डोज दिया जा चुका है। पहला डोज सोमवार को कोरोना संक्रमित मरीज को दिया गया था। दूसरा डोज मंगलवार को दिया गया था। कुछ अन्य मरीजों को भी इसी तरह डोज दी जाएगी।

ये होती है प्लाज्मा थैरपी
कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीज के खून से प्लाज्मा निकाला जाता है। उस प्लाज्मा को संक्रमित मरीज को चढ़ाया जाता है। इस थैरपी के कोरोना वायरस के केस में अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि जिस ठीक मरीज के शरीर से प्लाज्मा निकाला जाता है। उसके शरीर ने कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने शुरू कर दिए थे, जब उसके प्लाज्मा को संक्रमित मरीज के शरीर में चढ़ाया जाता है तो उससे उसे भी कोरोना से लड़ने में सहायता मिलती है।

हरियाणा में अभी तक हो चुकी है 52 मरीजों की कोरोना से मौत
हरियाणा में अभी तक 52 मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 18 फरीदाबाद में, 13 गुड़गांव में, 5 सोनीपत में, 4 पानीपत में, 3 जींद में, 3 रोहतक में, 2 अम्बाला में, 2 करनाल में, 1 हिसार में, 1 चरखी दादरी में मौत हो चुकी हैं।

ये है प्रदेश की स्थिति

फिलहाल प्रदेश में यूएसए से लौटे 21 लोगों, 14 इटली नागिरकों व 133 जमातियों को मिलाकर संक्रमितों का आंकड़ा 5579 पर पहुंच गया है। इनमें सबसे ज्यादा गुड़गांवमें 2546, फरीदाबाद में 855, सोनीपत में 502, रोहतक में 228, पलवल में 142, झज्जर में 112, अंबाला में 111, करनाल में 108, नारनौल में 106, नूंह में 104, हिसार में 102, पानीपत में 86, भिवानी में 82, रेवाड़ी व जींद में 65-65, कुरुक्षेत्र में 60, सिरसा में 58, फतेहाबाद में 51, कैथल में 46, पंचकूला में 43, चरखी-दादरी में 45 तथा यमुनानगर में 27 संक्रमित मिले हैं।

वहीं 14 इटली नागरिकों सहित कोरोना को मात देने वालों का आंकड़ा 2188 हो गया है। इनमें गुड़गांवमें 824, फरीदाबाद में 306, सोनीपत में 208, झज्जर में 99, रोहतक में 84, नूंह में 78, पानीपत व पलवल में 57-57, अंबाला में 53, हिसार में 52, करनाल में 47, नारनौल में 73, पंचकूला व जींद में 26-26, कुरुक्षेत्र में 34, भिवानी में 33, सिरसा में 39, कैथल में 28, रेवाड़ी में 12, यमुनानगर में 9, फतेहाबाद में 17 तथा चरखी-दादरी में 7 मरीज ठीक होकर घर लौट चुका है।

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जहां-जहां कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग वहां-वहां स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन का काम कर रहा है।

फरीदबाद में प्लाज्मा थैरपी से इलाज शुरू, एक मरीज को दो डोज दी हरियाणा में अनलॉक-1 का 11वां दिन है। प्रदेशभर में मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन बाजार व व्यापारिक प्रतिष्ठान लगभग खुल गए हैं। लोग सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाने में अभी भी लापरवाही कर रहे है। जगह-जगह पुलिस द्वारा चालान किए जा रहे हैं। गुड़गांव और फरीदाबाद कुल मरीजों के आंकड़ों में आगे चल रहे हैं। फरीदाबाद में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं फरीदाबाद में अब प्लाज्मा थैरपी से इलाज शुरू कर दिया है। ठीक हो चुके एक शख्सका प्लाज्मा कोरोना संक्रमित मरीज को दिया गया है।ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक करीब 6 और मरीजों को प्लाजा देने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग अब फरीदाबाद में रिकवरी कर चुके कोरोना मरीजों की सूची तैयार कर रहा है। उनसे संपर्क किया जा रहा है, जो लोग अब प्लाज्मा देने को तैयार है, उनके प्लाज्मा से संक्रमित मरीजों को ठीक करने का प्रयास किया जाएगा। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर निखिल वर्मा का कहना है कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से उपचार शुरू करने की स्वीकृति मिल गई है। गुरुग्राम के 37 वर्षीय संक्रमित मरीज को 200-200 एमएल का दो डोज दिया जा चुका है। पहला डोज सोमवार को कोरोना संक्रमित मरीज को दिया गया था। दूसरा डोज मंगलवार को दिया गया था। कुछ अन्य मरीजों को भी इसी तरह डोज दी जाएगी। ये होती है प्लाज्मा थैरपी कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीज के खून से प्लाज्मा निकाला जाता है। उस प्लाज्मा को संक्रमित मरीज को चढ़ाया जाता है। इस थैरपी के कोरोना वायरस के केस में अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि जिस ठीक मरीज के शरीर से प्लाज्मा निकाला जाता है। उसके शरीर ने कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने शुरू कर दिए थे, जब उसके प्लाज्मा को संक्रमित मरीज के शरीर में चढ़ाया जाता है तो उससे उसे भी कोरोना से लड़ने में सहायता मिलती है। हरियाणा में अभी तक हो चुकी है 52 मरीजों की कोरोना से मौत हरियाणा में अभी तक 52 मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 18 फरीदाबाद में, 13 गुड़गांव में, 5 सोनीपत में, 4 पानीपत में, 3 जींद में, 3 रोहतक में, 2 अम्बाला में, 2 करनाल में, 1 हिसार में, 1 चरखी दादरी में मौत हो चुकी हैं। ये है प्रदेश की स्थिति फिलहाल प्रदेश में यूएसए से लौटे 21 लोगों, 14 इटली नागिरकों व 133 जमातियों को मिलाकर संक्रमितों का आंकड़ा 5579 पर पहुंच गया है। इनमें सबसे ज्यादा गुड़गांवमें 2546, फरीदाबाद में 855, सोनीपत में 502, रोहतक में 228, पलवल में 142, झज्जर में 112, अंबाला में 111, करनाल में 108, नारनौल में 106, नूंह में 104, हिसार में 102, पानीपत में 86, भिवानी में 82, रेवाड़ी व जींद में 65-65, कुरुक्षेत्र में 60, सिरसा में 58, फतेहाबाद में 51, कैथल में 46, पंचकूला में 43, चरखी-दादरी में 45 तथा यमुनानगर में 27 संक्रमित मिले हैं। वहीं 14 इटली नागरिकों सहित कोरोना को मात देने वालों का आंकड़ा 2188 हो गया है। इनमें गुड़गांवमें 824, फरीदाबाद में 306, सोनीपत में 208, झज्जर में 99, रोहतक में 84, नूंह में 78, पानीपत व पलवल में 57-57, अंबाला में 53, हिसार में 52, करनाल में 47, नारनौल में 73, पंचकूला व जींद में 26-26, कुरुक्षेत्र में 34, भिवानी में 33, सिरसा में 39, कैथल में 28, रेवाड़ी में 12, यमुनानगर में 9, फतेहाबाद में 17 तथा चरखी-दादरी में 7 मरीज ठीक होकर घर लौट चुका है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें जहां-जहां कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग वहां-वहां स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन का काम कर रहा है।

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हरियाणा में अनलॉक-1 का 11वां दिन है। प्रदेशभर में मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन बाजार व व्यापारिक प्रतिष्ठान लगभग खुल गए हैं। लोग सोशल ...
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