बड़ोदरा की एसपी ने लॉकडाउन में शुरू की ‘पुलिस रसोई’, साथियों के साथ मिलकर रोज 1200 जरूरतमंदों के लिए खाना बना रही हैं कोरोना संक्रमण के बीच गुजरात के बडोदरा की महिला पुलिस अफसर ने 'पुलिस रसोई' शुरू की है। इसे खूब सराहा जा रहा है। लॉकडाउन के पहले दिन 25 मार्च से शहर की महिला पुलिस ड्यूटी के साथ रोजाना 1200 जरूरतमंदों के लिए खाना बना रही हैं। आईपीएस सरोज कुमारी ने पुलिस रसोई की शुरुआत की थी। तब से ही यहां रोजाना जरूरतमंद भोजन कर रहे हैं। सरोज ने ही इसकी योजना बनाई और खाने का इंतजाम किया। सरोज राजस्थान के झुंझुनूं की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया, 'खाने बनाने के लिए हमने राशन और अन्य चीजोंको जुटाया। पहले दिन करीब 550 लोगों के लिए खाना तैयार किया।' इस काम में वे खुद मदद करती हैं। खाना पुलिस की टीम ही बांटती है। ड्यूटी के बाद रोज 50 महिला पुलिसकर्मी मिलकर बनाती हैं खाना रोजाना करीब 50 महिला पुलिसकर्मी एसपी के साथ मिल कर चीजोंबनाती हैं। आईपीएस सराेज कुमारी के भाई और झुंझुनू के चिड़ावा गांव के उप प्रधान रणधीर सिंह ने बताया कि उनकी बहन की पहल की पूरे गुजरात में जम कर सराहना हाे रही है। ड्यूटी समय के बाद हर महिला पुलिसकर्मी दाे से तीन घंटे का समय पुलिस रसाेई के लिए निकालती हैं, जाे पूरे देश में एक उदाहरण है। सेवा के कारण ही उनकाे वूमन आईकाॅन अवॉर्डसे भी सम्मानित किया जा चुका है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें आईपीएस सरोज कुमारी ने पुलिस रसोई की शुरुआत 25 मार्च से की थी। वे रोजाना ड्यूटी के बाद खाना बनाने में मदद करती हैं। - Breaking News Today: Aaj ka breaking news

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11 जून 2020

बड़ोदरा की एसपी ने लॉकडाउन में शुरू की ‘पुलिस रसोई’, साथियों के साथ मिलकर रोज 1200 जरूरतमंदों के लिए खाना बना रही हैं कोरोना संक्रमण के बीच गुजरात के बडोदरा की महिला पुलिस अफसर ने 'पुलिस रसोई' शुरू की है। इसे खूब सराहा जा रहा है। लॉकडाउन के पहले दिन 25 मार्च से शहर की महिला पुलिस ड्यूटी के साथ रोजाना 1200 जरूरतमंदों के लिए खाना बना रही हैं। आईपीएस सरोज कुमारी ने पुलिस रसोई की शुरुआत की थी। तब से ही यहां रोजाना जरूरतमंद भोजन कर रहे हैं। सरोज ने ही इसकी योजना बनाई और खाने का इंतजाम किया। सरोज राजस्थान के झुंझुनूं की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया, 'खाने बनाने के लिए हमने राशन और अन्य चीजोंको जुटाया। पहले दिन करीब 550 लोगों के लिए खाना तैयार किया।' इस काम में वे खुद मदद करती हैं। खाना पुलिस की टीम ही बांटती है। ड्यूटी के बाद रोज 50 महिला पुलिसकर्मी मिलकर बनाती हैं खाना रोजाना करीब 50 महिला पुलिसकर्मी एसपी के साथ मिल कर चीजोंबनाती हैं। आईपीएस सराेज कुमारी के भाई और झुंझुनू के चिड़ावा गांव के उप प्रधान रणधीर सिंह ने बताया कि उनकी बहन की पहल की पूरे गुजरात में जम कर सराहना हाे रही है। ड्यूटी समय के बाद हर महिला पुलिसकर्मी दाे से तीन घंटे का समय पुलिस रसाेई के लिए निकालती हैं, जाे पूरे देश में एक उदाहरण है। सेवा के कारण ही उनकाे वूमन आईकाॅन अवॉर्डसे भी सम्मानित किया जा चुका है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें आईपीएस सरोज कुमारी ने पुलिस रसोई की शुरुआत 25 मार्च से की थी। वे रोजाना ड्यूटी के बाद खाना बनाने में मदद करती हैं।

कोरोना संक्रमण के बीच गुजरात के बडोदरा की महिला पुलिस अफसर ने 'पुलिस रसोई' शुरू की है। इसे खूब सराहा जा रहा है। लॉकडाउन के पहले दिन 25 मार्च से शहर की महिला पुलिस ड्यूटी के साथ रोजाना 1200 जरूरतमंदों के लिए खाना बना रही हैं।

आईपीएस सरोज कुमारी ने पुलिस रसोई की शुरुआत की थी। तब से ही यहां रोजाना जरूरतमंद भोजन कर रहे हैं। सरोज ने ही इसकी योजना बनाई और खाने का इंतजाम किया। सरोज राजस्थान के झुंझुनूं की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया, 'खाने बनाने के लिए हमने राशन और अन्य चीजोंको जुटाया। पहले दिन करीब 550 लोगों के लिए खाना तैयार किया।' इस काम में वे खुद मदद करती हैं। खाना पुलिस की टीम ही बांटती है।

ड्यूटी के बाद रोज 50 महिला पुलिसकर्मी मिलकर बनाती हैं खाना
रोजाना करीब 50 महिला पुलिसकर्मी एसपी के साथ मिल कर चीजोंबनाती हैं। आईपीएस सराेज कुमारी के भाई और झुंझुनू के चिड़ावा गांव के उप प्रधान रणधीर सिंह ने बताया कि उनकी बहन की पहल की पूरे गुजरात में जम कर सराहना हाे रही है। ड्यूटी समय के बाद हर महिला पुलिसकर्मी दाे से तीन घंटे का समय पुलिस रसाेई के लिए निकालती हैं, जाे पूरे देश में एक उदाहरण है। सेवा के कारण ही उनकाे वूमन आईकाॅन अवॉर्डसे भी सम्मानित किया जा चुका है।



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आईपीएस सरोज कुमारी ने पुलिस रसोई की शुरुआत 25 मार्च से की थी। वे रोजाना ड्यूटी के बाद खाना बनाने में मदद करती हैं।


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