दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार तेज रफ्तार से बढ़ रही है। दो हफ्ते में कोरोना के मामले डबल हो सकते हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि 30 जून तक हमें 15 हज़ार बेड की जरूरत होगी। लेकिन हम 20 जून तक ही इतने बेड तैयार कर लेंगे।
जैन ने कहा कि जिस तेजी के साथ राजधानी में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना संक्रमितों का कांटेक्ट लिस्ट नहीं मिल रही है। जैन ने कहा कि केन्द्र सरकार बताए कि दिल्ली में कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड है या नहीं। जैन ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक्सपर्ट और साइंटिस्ट केंद्र सरकार के पास हैं। इसलिए दिल्ली में लोकल स्प्रेड है या कम्युनिटी स्प्रेड इस बारे में केंद्र स्थिति को साफ करें।
जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार अस्पतालों में बेड की तैयारी को लेकर गंभीर है और इसे प्राथमिकता के साथ पूरा करेगी। कोरोना मरीजों के इलाज के प्रोटोकॉल को लेकर सत्येंद्र जैन का कहना था कि हमने सभी अस्पतालों को आदेश दिया है कि भले ही मरीज कोरोना पॉजिटिव नहीं हो, लेकिन अगर उसका सांस फूल रहा हो या ऑक्सीजन लेवल कम हो तो उसे तुरंत भर्ती कर बेड उपलब्ध कराया जाए। जैन ने कहा कि दिल्ली में अभी 90 प्राइवेट अस्पताल कोरोना का इलाज कर रहे हैं। वहीं दिल्ली सरकार के पांच अस्पताल पूरी तरह से कोरोना के इलाज में लगे हैं।
दिल्ली सरकार के अस्पतालों में अभी कुल 10 हजार बेड
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में अभी कुल 10 हज़ार बेड हैं। जिनमें से 5 हज़ार बेड कोरोना के लिए डेडिकेट किए गए हैं। वहीं केंद्र के 12 हज़ार बेड में से करीब 1 हज़ार बेड कोरोना के इलाज के लिए आवंटित हैं। दो दिन पहले प्राइवेट अस्पतालों में 2 हज़ार अतिरिक्त बेड तैयार करने का आदेश दिया था जो कि अगले 2-3 दिन में तैयार हो जाएंगे। जितने बेड की जरूरत है उससे दोगुना हम तैयार करके रख रहे हैं।
टेस्ट को लेकर जैन ने बताया कि दिल्ली में 42 लैब अभी कोरोना का टेस्ट कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों को कहा है कि बुजुर्गों का खास ख्याल रखे क्योंकि कोरोना में सबसे अधिक मौत बुजुर्गों की ही हो रही है। कई मरीजों को बेड न मिलने के सवाल पर सत्येंद्र जैन का कहना था कि 90 प्राइवेट अस्पताल हैं, उनमें से 15.20 में ही बेड भरे हैं।
प्रभावित जिलों में 0.73% आबादी चपेट में; लॉकडाउन की वजह से असर कम
देश में अभी कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू नहीं हुआ है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने गुरुवार को यह दावा किया है। आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल डॉ. बलराम भार्गव ने सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कम्युनिटी ट्रांसमिशन शब्द पर बहस जोरों पर है। डब्ल्यूएचओ ने इसके मायने नहीं बताए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में कोरोना का असर 1% आबादी से भी कम है। शहरी इलाकों और कंटेनमेंट जोन में असर ज्यादा है। लेकिन, यह बात साफ है कि हमारे यहां कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3cO3r6o
via IFTTT
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know.