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12 जून 2020

देशभर के निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज पड़ रहा भारी, हॉस्पिटल रोज 1 लाख रु. तक मांग रहे, पीपीई किट की वसूली भी मरीज से

काेराेना मरीज देशभर में निजी अस्पतालाें की मनमर्जी के शिकार हाे रहे हैं। मरीजों के परिजनको बुखार की दवा, विटामिन सप्लीमेंट और पीपीई किट के नाम पर मोटा बिल थमाया जा रहा है। दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्याें में मरीज भर्ती करने से पहले एडवांस में पैसे लिए जा रहे हैं।कई जगह पीपीई किट के लिए ही राेज 9 हजार रु. तक वसूले गए।

वहीं, मुंबई के एक अस्पताल में राेज 1-1 लाख रु. तक का बिल वसूला गया। महाराष्ट्र में ऐसी शिकायतों पर निजी अस्पतालों में निगरानी के लिए 5 आईएएस अफसर तैनात करने पड़े। भास्कर ने दिल्ली, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा में कोरोना मरीजों को भर्ती कर रहे बड़े निजी अस्पतालाें के बिलों की पड़ताल की। पढ़िए रिपाेर्ट...

दिल्लीः12 दिन का बिल 4.4 लाख, इसमें 1.06 लाख रु. पीपीई किट के

अशाेक कुमार ने बताया कि वह 12 दिन मैक्स अस्पताल में भर्ती रहे। हाइड्राॅक्सीक्लाेराेक्वीन और विटामिन सी-डी की दवाएं दी गईं। इसका कुल 4.40 लाख रु.का बिल बना। इसमें 1.06 लाख रु.पीपीई किट के थे। 1.58 लाख रु.रूम रेंट के थे। इसी तरह काराेबारी पप्पू काेहली से साढ़ेे पांच लाख रु.वसूले। बिल में रोज 8,900 रु.पीपीई किट के जाेड़े गए थे। इस बारे में मैक्स अस्पताल की जनसंपर्क अधिकारी तनुश्री ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

मुंबईःअस्पताल में 15 दिन भर्ती मरीज का बिल 16 लाख रु. बना

सेवंतीलाल एच. पारिख का इलाज 15 दिन चला, जिसका बिल 16 लाख रु. बना। ऐसे में उनका एक दिन का बिल 1 लाख रु. से ज्यादा हुआ। वे मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती थे। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने सफाई दी- यह बिल अप्रैल का है। राज्य सरकार की काेराेना मरीजाें के बारे में गाइडलाइन मई में जारी की थी। सेवंतीलाल काे काेराेना के अलावा कुछ और बीमारियां भी थीं। उन्हें आईसीयू में वेंटीलेटर पर रखा गया था। इसलिए बिल ज्यादा बना।

अहमदाबादः14 दिन का बिल 6 लाख से 15.40 लाख रुपए तक
अहमदाबाद में एक दिन का खर्च 50 हजार से लेकर 1.10 लाख रुपए तक है। 14 दिन रुकना पड़े ताे यह खर्च 6 लाख से लेकर 15.40 लाख तक होता है। अहमदाबाद के डीएचएस मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में सविताबेन के निधन के बाद परिजनने अस्पताल पर माेटी रकम वसूलने का आरोप लगाया। अस्पताल ने आरोप खारिज करते हुए दावा किया कि सिर्फ 40 हजार का बिल था। 1.50 लाख एडवांस जमा करवाए थे। 1.10 लाख वापस कर दिए गए।

हरियाणा-मप्रःकरनाल में 4 लाख तो इंदौर में सवा 3 लाख लिए जा रहे

हरियाणा के करनाल के निजी अस्पतालों में एक दिन का औसत खर्च करीब 30 हजार रु. है। मरीज काे अगर 14 दिन रहना पड़े ताे भी करीब 4 लाख रुपए का बिल बनता है। मध्यप्रदेश में कोरोना के हॉटस्पॉट इंदाैर के अस्पतालाें में 14 दिन के इलाज का खर्च सवा तीन लाख रु. के करीब है। एक दिन आईसीयू वार्ड में रखने के लिए अधिकतम 10 हजार रुपए लिए जा रहे हैं।



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यह फोटो ऩई दिल्ली स्थित एलएनजेपी अस्पताल का है। गुरुवार को स्वास्थ्यकर्मी संक्रमण के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे युवक को जानकारी देते नजर आया।


from Dainik Bhaskar /national/news/private-hospital-rs-1-lakh-per-day-even-seeking-ppe-kit-recovery-from-the-patient-127401150.html
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