नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने हाल ही कक्षा 9वीं व 10वीं के लिए नो यॉर एप्टीट्यूट (केवाइए) टेस्ट शुरू किया हैं। यह स्टेटमेंट सेंट्रल बोर्ड ऑफ सैकंडरी एजुकेशन ने जारी किया है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपने पसंद के अनुसार कॅरियर को चुनना और उसी अनुसार एप्टीट्यूड को मजबूत करना है। साथ ही इससे स्टूडेंट की स्ट्रेंथ और वीकनेस को बढ़ावा मिलता है।
इस टेस्ट की शुरुआत ऑफिशियल वेबसाइट पर 29 जनवरी से होगी। स्टूडेंट्स इस टेस्ट में एनरोल्ड होने के लिए स्कूल आइडी को प्रयोग में ले सकते हैं। इस टेस्ट की मदद से स्टूडेंट्स सीनियर सैकंडरी लेवल पर कॅरियर के लिहाज से ह्यूमेनिटीज, कॉमर्स, साइंस और वोकेशनल जैसे विषयों को चुन सकते हैं।
स्कूली स्तर की पढ़ाई प्रतियोगी परीक्षा में बनती है मददगार
जब भी हम किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं तो सिलेबस देखने पर पता चलता है कि आधे से ज्यादा स्टडी मैटेरियल और तैयारी स्कूली स्तर की किताबों से हो जाएगी। लेकिन कैसा हो यदि स्कूली पढ़ाई के दौरान अपनी तैयारी भविष्य के लिए मजबूत बना लें। जानें काम के टिप्स-
- खासतौर पर 6-8 कक्षा की पुस्तकों का अध्ययन करते समय जो नोट्स बनाएं उन्हें साफ-सुथरी राइटिंग मे लिखें ताकि आगे भी काम आ सकें।
- जिस भी विषय में आप भविष्य बनाना चाहते हैं उस विषय की बेसिक नॉलेज रखें। इसके लिए स्कूली स्तर की विषयवार किताबों को संभालकर रखें।
- प्रतियोगी परीक्षा के मॉक टेस्ट पेपर को सैम्पल पेपर की तरह देखें। बेसिक किताबों की मदद से स्वयं के स्तर पर सैम्पल पेपर और मॉक टेस्ट पेपर बनाएं और समय-समय पर हल करने की कोशिश करें।
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